Welcome To Jainam Parivar

प.पू. सकलसंध हितचिंतक श्री प्रेम-भुवनभानुसूरीश्व‌रजी म.सा. के समुदाय के प.पू.सिद्धातदिवाकर गच्छाधिपति आचार्यदेव श्रीमद्‌ विजय जयघोषसूरीश्वरजी म.सा के आज्ञावर्ती प.पू वैराग्यदेशनादक्ष आचार्यदेव श्रीमद्‌ विजय हेमचन्द्रसूरीश्व‌रजी म.सा. के शिष्य प.पू पंन्यासजी श्री संयमबोधिविजयजी म.सा. के अनुयायी युवाओं ने उनके ही मार्गदर्शनानुसार अछे सुकृत करने के लिए समाज राष्ट्र धर्म और शासन की सेवाकीय प्रवृतियों के लिए कलिकुंड तीर्थ में श्री कलिकुंड पार्श्वनाथ परमात्मा की शीतल छत्रछाया में वैशाख शुक्ल १३ ता. १८-५-२००८ रविवार को शुभ मुहर्त में ग्रुप की स्थापना की | बाद में विश्र्वसनीय संचालन के लिए मार्गदर्शक वडीलो के नियंत्रण में चेरिटेबल और रिलीजीयस-भिन्न भिन्न ट्रस्टो का गठन किया गया |

Moto of Jainam Parivar

Gyan Bhandar

It’s all about the library management. It is maintained by the JAINAM PATIVAR trust. About JAINAM PARIVAR ? Jainam parivar is a religion trust.

घरबैठे ओपन बुक-एग्जाम

गुजराती में ११ बुक पर तथा हिन्दी में ९ बुक पर घर बैठे ओपन बुक एग्जाम… जैन संघ के टोच के विध्वान महात्माओं के द्रारा लिखित भिन्न भिन्न विषयों की तत्वज्ञान की सरल पुस्तकों के माध्यम से जैन धर्म की वास्तविक जानकारी प्राप्त करने का उत्कृष्ट माध्यम |

स्मार्ट लाइफ युवामिलन

अंगत परिचित १०८ युवाओं के समक्ष ‘Power-Energy’ के concept को मन में रखकर आयोजित त्रिदिवसीय युवा मिलन में प्रवचन , अष्टप्रकारी पूजा , अष्टोत्तरी पूजा,युवा मिलन , पावर पोइंट प्रेजेंटेशन , संध्याभक्ति , मंत्रसाधना इत्यादि से यह मिलन यादगार बन गया |

युवा उपधान तप

धर्मचक्र तीर्थ-नासिक प्रारंभ : चै.सु. १२ ता. २२-४-२०१३ मालारोपण : जे.सु. ४/२ ता. १२-६-२०१३ मालावाले आराधक – १६७ पात्रिसावाले -४७ अठाविषावाले-२ अढारियावाले – ६७ |

अंतरीक्षजी तीर्थ यात्रा प्रवास

मुंबई के १०० से अधिक युवानों ने मिलकर अत्यंत प्रभावसंपन्न महिमाशाली श्री अंतरीक्ष पार्श्वनाथ तीर्थ-शिरपुर (वासीम) जि. आकोला-की यात्रा उल्लासभर महोल में की | दिगंबर समाज के साथ क़ानूनी दावपेच में फंस गये इस तीर्थ में प्रभुजी नजरकैद-स्थिति में हे |

पक्षी शाता अभियान

मुंबई-सुरत-वड़ोदरा-अहमदाबाद-कच्छ.. प्लास्टिक के एंगल पर लगे पानी के कुंडे-जिन्हें रोज साफ किये जा सकते हें-ऐसे कुंडे सेकड़ो की संख्या में फ्री ऑफ़ चार्ज वितरण किये गये-या टोकन रकम लेकर वितरण किये गये |बहुत ही हदयस्पर्शी अनुभूतियाँ हुई जिन्हे सुनकर कई लोगों की भावना बढ़ी |

चोविहर छट्ट सात यात्रा

तीसरे भव मुक्ति दिलानेवाली – श्री शत्रुंजय महागिरीराज की चोविहर छठ सात यात्रा आयोजन:कुल आराधक २०७ यात्रा परिपुण करने वाले आराधक, १८७ वैयावच्च के लिए पधारे भाग्यशाली, ८० नि:शुल्क धर्मशाला अर्पण करनेवाले संदीपभाई कोठारी, अगले दिन को संजयभाई तथा केतन भाई देठीया की प्रेरणादायक भावयात्रा ने सबके हृदय को गिरिराजमय बना दिया |

युवा उपधान तप

सर्वप्रथम उनालू वेकेशन युवा उपधान तप श्री पाश्व प्रज्ञालय तीर्थ – तलेगाव प्रारंभ : चै. व छट (श्री भुवनभानुसूरी जन्म शताब्दी दिन २३-४-२०११) मालारोपण : जे.सु.११ ता १२-६-२०११ मालावाले आराधक : २४३, अढारियावाले ७०, बीस साल और इस से छोटी उम्रवाले आराधक – २५० से अधिक इस उपधान में अनेक कीर्तिमान स्थापित किये |

आत्मसन्मान जैन युवा शिबिर

स्थल : श्री शत्रुंजय तीर्थधाम भुवनभानु मानसमन्दिरम् शाहपुर संख्या : ४७०

आत्मसन्मान जैन युवा शिबिर

स्थल : श्री शत्रुंजयतीर्थ धाम भुवनभानु मानसमन्दिरम् शाहपुर
संख्या : ३६०
दोनों शिबिरों में सरस्वती साधना, शासनवंदना , परमातमा भक्ति ज्ञानवर्धक प्रश्नपत्र , भिन्न भिन्न प्रतियोगिताये , यूथ फेस्टिवल, “ज्यारे पत्थर पण पिगली जाय छे,” करुणा की सवेदना, कुमारपाल महाराजा की आरती, मेगा क्विज, विदाय समरभ इत्यादि ने अनभिज्ञ ऐसे युवानों को भी सदाचार और शुभभाव के एवरेस्ट पर चढ़ा दिये |

श्री गिरनार महातीर्थ शुद्धीकरण संध जागरण अभियान

स्थल : श्री गिरनार महातीर्थ ५४० युवानों का उत्साही समूह गाव ग़ाव में जगाया गया जनजागरण अभियान युवा संगीतकार हार्दिक शाह अहमदाबाद के जोशीले भक्तिगीतोने जब्बर माहोल बनाया. प्रथम दिन सुबह स्नात्र महोत्सव, दोपहर में प.पू.अंचलगच्छचार्य कलाप्रभसागरसूरीजी म.सा, परम तपस्वी मुनिवरजी धर्मरक्षीतविजयजी म.सा और मुनिराज श्री संयमबोधिविजयजी म.सा के मार्मिक प्रवचनने युवाओं को खुमारी और सात्विकता से भर दिया |